गणित का जनक कौन है?

क्या आप जानते है गणित का जनक कौन है यानी गणित का पिता किसे कहा जाता है और उनका नाम क्या है? यदि आप मैथ्स के जनक (Father of Mathematics in Hindi) के बारे में नहीं जानते हैं तो इस लेख को पूरा पढ़िए.

गणित पिछली कुछ शताब्दियों में काफी विकसित हुआ है. वास्तव में गणित का इतिहास (History of Mathematics) उतना ही पुराना है जितना कि मानव सभ्यता.

वैसे गणित को विकसित करने में कई गणितज्ञ लोगों का योगदान है लेकिन जब सवाल आता है गणित का जनक कौन है? तो बहुत से लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं होती हैं इसलिए इस लेख में आपकों गणित का जनक कौन है ( Ganit Ka Janak Kaun Hai) और अन्य गणित से संबंधित सभी जरूरी बातों को बतलाया गया है.

गणित का जनक कौन है? (Father of Mathematics in Hindi)

गणित का जनक कौन है

आर्किमिडीज़ को गणित का जनक कहा जाता है जो प्राचीन काल का सबसे महान गणितज्ञ थे. प्राचीन काल में उन्होंने गणित में कई योगदान दिए हैं जो आज के समय में भी लागू और चल रही हैं. यही कारण है कि आर्किमिडीज़ को गणित (Mathematics) का पिता के रूप में जानते हैं.

ग्रीक गणितज्ञ आर्किमिडीज को व्यापक रूप से कई लोगों द्वारा “गणित का पिता” (Father of Mathematics) माना जाता है.

आर्किमिडीज़ ( गणित का पिता एवं जनक ) 

आर्किमिडीज अपनी कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों के लिए प्रसिद्ध हैं जैसे कि आर्किमिडिज़ सिद्धांत, आर्किमिडिज़ पेच, द्रव्य स्थिति-विज्ञान, लीवर, अतिसूक्ष्म राशियाँ आदि जिनका उपयोग आज तक किया जाता है. उनकी गणित में अमर योगदान के कारण उन्हें “गणित का पिता” कहा जाता है.

गणित का पिताआर्किमिडीज (Archimedes)
जन्मलगभग 287 ई.पू. सिराक्यूज़, सिसली मैग्ना ग्रीसिया
मृत्युलगभग 212 ई.पू. सिराक्यूज़
जातियतायूनानी
आवाससिराक्यूज़, सिसली
क्षेत्र
  • गणित
  • भौतिकी
  • अभियांत्रिकी
  • आविष्कार
  • खगोलशास्त्र
प्रभावित
  • अपोलोनियस
  • अलेक्जेंड्रिया के हीरो
  • Pappus of Alexandria
  • यूटोशियस
प्रसिद्धि
  • आर्किमिडिज़ सिद्धांत
  • आर्किमिडिज़ पेच
  • द्रव्य स्थिति-विज्ञान, लीवर
  • अतिसूक्ष्म राशियाँ

आर्किमिडीज का प्रारंभिक जीवन

आर्किमिडीज का जन्म लगभग 287 ई.पू. सिराक्यूज़, सिसली मैग्ना ग्रीसिया में एक खगोलशास्त्री के परिवार में हुआ था. बचपन से ही उन्हें गणित, विज्ञान, कविता, राजनीति और सैन्य रणनीति में काफ़ी मन लगता था.

इसी रुचि के कारण उन्होनें मिस्र में स्कूल ऑफ मैथेमेटिक्स (School of Mathematics) में भाग लेने और अपना सारा जीवन इस महान गणित एवं विज्ञान की खोज में बिताने का फैसला किया.

उनके लिखित किताबें एवं रिसर्च किए गए कार्यों से पता चलता है कि मिस्र के अलेक्जेंड्रिया में कई विद्वानों के साथ उनके संबंध थे. जैसे कि प्रमुख गणितज्ञों में एराटोस्थनीज और कॉनन के साथ उन्होंने पत्राचार के रूप में अपनी रचनाएँ प्रकाशित कीं.

दुर्भाग्य से, आर्किमिडीज के प्रारंभिक जीवन के बारे में बहुत अधिक विवरण ज्ञात नहीं हैं क्योंकि उनपर लिखी गई जीवनी खो गई हैं, जिसे हेराक्लाइड्स (Heracleides) द्वारा लिखी गई थी.

उसके बाद आज तक, उनके प्रारंभिक जीवन, परिवार, विवाह की स्थिति या बच्चों के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है.

आर्किमिडीज का अविस्कार एवं खोज (उनकी प्रसिद्धि) 

  • आर्किमिडीज सिद्धांत
  • पीआई (Pi) के वास्तविक मूल्य की खोज
  • आर्किमिडिज़ पेच
  • द्रव्य स्थिति-विज्ञान
  • लीवर
  • अतिसूक्ष्म राशियाँ
  • रॉक-थ्रोइंग कैटापुल्ट्स
  • द क्लॉ ऑफ़ आर्किमिडीज़

आर्किमिडीज को गणित का जनक क्यों कहा जाता है?

आर्किमिडीज को गणित और विज्ञान में उनके उल्लेखनीय आविष्कारों के कारण गणित का जनक माना जाता है, जो उस समय सिरैक्यूज़ के राजा हिरो द्वितीय की सेवा में थे.

भारतीय गणित का जनक कौन है?

आर्यभट्ट को भारतीय गणित का जनक कहा जाता है जिन्होंने शून्य (O) की खोज सबसे पहले किया. इसके अलावा उनका कई योगदान गणित में है जैसे कि जोड , घटाव, भाग की आधुनिक पद्धति , गुणा , वर्ग वर्गमूल आदि.

गणित की खोज कब हुई? (Discovery of Mathematics in Hindi)

गणित की खोज आज से लगभग 4000 वर्ष साल पहले हुई थी, जब बेबीलोन तथा मिस्र सभ्यताए गणित का इस्तेमाल पंचांग (Calender) बनाने के लिए किया करती थी .

आर्किमिडीज ने मरते समय क्या कहा?

आर्किमिडीज ने मरते समय “मेरी मंडलियों को परेशान न करें” (Do not disturb my circles) बातें कहीं थी.

आधुनिक भारत के महान गणितज्ञ कौन थे?

श्रीनिवास रामानुजन को आधुनिक भारत के महान गणितज्ञ के रूप में जाना जाता है, जिनका जन्म 22 दिसंबर 1887 को तमिलनाडु के इरोड में हुआ था.

गणित के क्षेत्र में भारत का विश्व को सबसे महत्वपूर्ण उपहार क्या है?

गणित के क्षेत्र में भारत ने पूरी दुनिया को बहुत कुछ दिया है. भारतीय गणित का इतिहास करीब 3000 वर्ष पुराना है, भारत ने शून्य के अलावा त्रिकोणमिति, बीजगणित, अंकगणित, और ऋणात्मक संख्याओं आदि के अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान विश्व को दिया है.

लेख निष्कर्ष,

आर्किमिडीज को गणित का जनक (पिता) कहा जाता है जिन्होंने प्राचीन काल में गणित एवं विज्ञान के क्षेत्र में कई योगदान दिए जैसे कि आर्किमिडिज़ सिद्धांत, आर्किमिडिज़ पेच, द्रव्य स्थिति-विज्ञान, लीवर, अतिसूक्ष्म राशियाँ आदि, जिससे कई लोग उन्हें गणित का पिता (Father of Mathematics) कहते हैं.

वैसे गणित का जनक कौन है? किसी एक वेक्ति को कहना थोड़ा कठिन है क्योंकि इस क्षेत्र में प्राचीन काल में आर्किमिडीज के अलावा कई महान गणितज्ञ भी हुए हैं जैसे कि आर्यभट्ट, युक्लिड, हिप्परकुस, थेल्स ऑफ़ मिलेटस आदि जिन्होंने गणित में कई और महत्वपूर्ण योगदान दिए है, जिसका उपयोग आज भी किया जाता है.

हम उम्मीद करते हैं आपकों गणित का जनक किसे कहा है और इससे संबंधित बातों के बारे में पूरी जानकारी मिल चुकी होगी.

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हिंदीकुल द्वारा लिखित

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