हिंदी वर्णमाला क्या है?

यह लेख आपकों बताएगा कि हिंदी वर्णमाला (Hindi Alphabets) क्या होता है What is Varnamala in Hindi और साथ ही हिंदी वर्णमाला में कुल कितने अक्षर होते हैं.

हमारे द्वारा प्रकट की गई सार्थक ध्वनियों को भाषा कहा जाता है. हिन्दी एक भाषा है जिसकी सबसे छोटी इकाई ध्वनि होती है और इसी ध्वनि को ही हम वर्ण बोलते हैं.

हिंदी वर्णमाला क्या होता है | Varnamala in Hindi

हिंदी वर्णमाला (Hindi Varnamala)

हिंदी वर्णमाला, वर्णों को व्यवस्थित करने के समूह होता है.

हिंदी वर्णमाला (Hindi Alphabets) में कुल कितने अक्षर होते है?

हिन्दी वर्णमाला Hindi Varnamala में कुल 52 अक्षर होते हैं.

वर्णमाला’ Meaning in English

वर्णमाला को अंग्रेज़ी में ‘ऐल्फाबेट’ (alphabet) कहा जाता है. इसके अलावा इसे अरबी, फ़ारसी, कुर्दी और मध्य पूर्व भाषाओं में ‘ अलिफ़-बेई’ कहते हैं.

वर्णमाला के प्रकार | Types of Hindi Varnamala

प्रत्येक वर्णमाला के दो भाग होते हैं :

1. स्वर

2. व्यंजन

स्वर क्या होता है?

स्वर (vowel) उन ध्वनियों को कहते हैं जो स्वतंत्र रूप से बोला जा सके. कहने का मतलब जो बिना किसी अन्य वर्णों की सहायता के उच्चारित किया जा सके.

उदहारण के लिए : अ आ

उच्चारण के आधार पर :

हिंदी में 45 वर्ण होते हैं इनमें 10 (अ आ इ ई उ ऊ ए ऐ ओ औ, आदि) स्वर होते हैं.

लेखन के आधार पर :

हिंदी में 52 वर्ण होते हैं इनमें 13 (अ आ इ ई उ ऊ ए ऐ ओ औ अं अः ऋ, आदि) स्वर होते हैं.

व्यंजन क्या होता है?

व्यंजन (consonant) उन ध्वनियों को कहते हैं जो वर्ण स्वरों की सहायता से बोले जाते हैं यानी जिनके उच्चाहरण के लिये किसी स्वर की जरुरत होती है.

उच्चारण के आधार पर :

45 वर्ण होते हैं इनमें 35 व्यंजन होते हैं.

लेखन के आधार पर :

52 वर्ण होते इनमें 35 व्यंजन तथा 4 संयुक्त व्यंजन होते हैं.

क , ख , ग , घ , ङ को कवर्ग बोलते हैं.

च , छ , ज , झ , ञ को चवर्ग बोलते हैं.

ट , ठ , ड , ढ , ण ( ड़ ढ़ ) को टवर्ग बोलते हैं.

त , थ , द , ध , न को तवर्ग बोलते हैं.

प , फ , ब , भ , म को पवर्ग बोलते हैं.

य , र , ल , व् को अंतस्थ बोलते हैं.

श , ष , स , ह को उष्म व्यंजन बोलते हैं.

क्ष , त्र , ज्ञ , श्र को संयुक्त व्यंजन बोलते हैं.

व्यंजनों के साथ स्वर लगाने से कई प्रकार की वर्णमाला (Varnamala) बनती है जैसे कि :

1. रूढ़ी वर्णमाला (simple or ‘true’ alphabet) 

यह यूनानी वर्णमाला की तरह होता है जिसमें स्वर अलग अलग अक्षरों के साथ ही लगते हैं.

जैसे कि : पेमिर’ शब्द को रूढ़ी वर्णमाला में ‘πεμιρ’ लिखा जाता है.

2. आबूगिदा (abugida)

यह देवनागरी वर्णमाला की तरह होती है जिसमें व्यंजनों के साथ स्वर जोड़े जाते हैं.

जैसे कि : पेमिर’ को ‘प​एमइर’ न लिख कर इसमें मात्रा चिह्नों को लगाया जाता है.

3. अबजद (abjad)

यह फ़ोनीशियाई वर्णमाला की तरह होती है जिसमें व्यंजनों के साथ स्वरों के न तो वर्ण लगते हैं और न ही कोई मात्रा चिह्न बल्कि इसमें आपकों संदर्भ देखकर अंदाजा लगाना होता है.

जैसे कि : بنتی‎ को ‘बिनती’ और ‘बुनती’ भी पढ़ा जा सकता है इसलिए आपकों इसमें अंदाजा लगाना होगा कि  ‘ب‎’ (‘ब’) व्यंजन के साथ कोई स्वर चिह्न नहीं लगा हुआ है.

देवनागरी और रोमन वर्णमाला में क्या अंतर है?

वर्णों की माला या क्रमबद्ध समूह को वर्णमाला कहा जाता है जैसे कि :

क  ख  ग  घ  ङ

च  छ  ज  झ  ञ

ट  ठ  ड  ढ  ण

त  थ  द  ध  न

प  फ  ब  भ  म

य  र  ल  व श  ष  स  ह

a b c d … z को रोमन वर्णमाला (Roman Alphabets) कहा जाता है.

रोमन वर्णमाला की पूरी लिस्ट :

a (ए)-  A

b(बी) – B

c(सी) – C

d (डी) – D

e (ई) – E

f (एफ) – F

g (जी) – G

h (एच) – H

i (आई) – I

j (जे) – J

k (के) – K

l (एल) – L

m (एम) – M

n (एन) – N

o (ओ) – O

p (पी) – P

q (क्यू) – Q

r (आर) – R

s (एस) – S

t (टी) – T

u (यू) – U

v (वी) – V

w (डब्ल्यू) – W

x (एक्स) – X

y (वाई) – Y

z (ज़ेड) – Z

अक्षर (Letter) क्या होता है?

हिंदी भाषा में ध्वनियों की संगठित इकाई को अक्षर (Letter) कहा जाता है. इसे भाषाविज्ञान में शब्दांश भी कहा जाता है. शब्दांश शब्द वह सबसे छोटी अंश होती है जिन्हें और ज़्यादा छोटा नहीं बनाया जा सकता वरना शब्द की ध्वनियाँ बदल जाती हैं.

उदहारण : अचानक शब्द में (‘अ’, ‘चा’ और ‘नक’) तीन शब्दांश शब्द है. यदि ‘नक’ को आगे और तोड़ा जाए तो  ‘अ-चा-न-क’ होती है जो ध्वनियाँ ग़लत है. इसके अलावा इस शब्द को ‘अ-चान-क’ भी नहीं बोला जाता क्योंकि इस से भी उच्चारण ग़लत हो जाता है.

अक्षर (शब्दांश) छोटी और बड़ी दोनों शब्दों में हो सकता है.

कुछ छोटे शब्दों में एक ही शब्दांश होता है, जैसे कि “हाथ”, “कान”, “में”,”जा”, “चल”, आदि.

कुछ शब्दों में दो शब्दांश होते हैं,जैसे कि चलकर (‘चल – कर’), खाना (‘खा-ना’),सब्ज़ी (‘सब-ज़ी’), रुमाल (‘रु-माल’) आदि.

कुछ में तीन या उस से भी अधिक शब्दांश होते हैं, जैसे कि ‘अंतर्राष्ट्रीय’ (‘अंत-अर-राष-ट्रीय’), ‘महत्त्वपूर्ण’ (‘म-हत्व-पूर्ण’), आदि.

इसे भी देखें : 

इस लेख में,

इस लेख में आपकों हिंदी वर्णमाला किसे कहते है, वर्णमाला के प्रकार Types of Hindi Varnamala, स्वर क्या होता है, व्यंजन क्या होता है, देवनागरी और रोमन वर्णमाला में अंतर, अक्षर(शब्दांश) आदि के बारे में बतलाया गया है.

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Written by Hindikul Editorial

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