समाजशास्त्र के जनक कौन है?

समाजशास्त्र के जनक किसे कहते हैं?, Samajshastra Ke Janak Kaun Hai

क्या आपकों पता है समाजशास्त्र के जनक कौन है (Samajshastra Ke Janak Kaun Hai) यानी समाजशास्त्र के रचयिता कौन है और उनका नाम क्या है?

समाजशास्त्र का मतलब मानव समाज का अध्ययन करना होता है. समाजशास्त्र की शुरूवात पहली बार 1800 के दशक के मध्य में शुरू हुआ.

यह 19वीं शताब्दी के अंत तक दुनिया भर के अधिकांश कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एक प्रमुख क्षेत्र बन गया था. वही आज इस क्षेत्र में काफ़ी लोग जुड़े हुए हैं और इसकी और विकास कर रहे हैं.

यदि आप भी इस विषय का अध्ययन करते हैं लेकिन आपकों समाजशास्त्र के जनक किसे कहा जाता है? के बारे में जानकारी नहीं है तो इस लेख को पूरा जरूर पढ़े.

समाजशास्त्र के जनक कौन है? (Father of Sociology in Hindi)

समाजशास्त्र के जनक कौन है

समाजशास्त्र के जनक ऑगस्त कॉम्त को कहा जाता है, जिन्होंने सबसे पहले समाजशास्त्र की नींव रखी थी इसलिए उन्हें समाजशास्त्र के पिता माना जाता है.

वह एक फ्रांसीसी समाज सुधारक एवं विचारक थे. उन्होंने हेन्री सैन्ट सिमोन से प्रभावित होकर, प्रत्यक्षवाद के अनुशासन को स्थापित किया ताकि फ्रान्स के समाजिक स्थिति में बदलाव ला सके.

ऑगस्त कॉम्त ने लोगों के बीच प्रत्यक्षवादी समाजों को एकता देने के लिए ‘मानवता का धर्म’ विकसित किया. उन्होंने समाज को समाजशास्त्र के लिए विज्ञान की स्थिति से अवगत कराया.

ऑगस्त कॉम्त को पहले सामाजिक दार्शनिक के रूप में भी जाना जाता था.

ऑगस्त कॉम्त कौन थे? (Who was Auguste Comte in Hindi)

ऑगस्त कॉम्त समाजशास्त्र के जनक

ऑगस्त कॉम्त एक फ्रांसीसी विचारक थे जिन्हें समाजशास्त्र के जनक के रूप में जाना जाता है. उन्होंने समाज के मानदंडों को समझा और अध्ययन किया और साथ ही समाज के लिए विज्ञान के महत्व को भी दर्शाया.

ऑगस्त कॉम्त का जन्म 19 जनवरी 1798 को माँटपेलीयर, फ्रांस मे हुआ था. उन्होंने अपनी पढ़ाई माँटपेलीयर विश्वविद्यालय से पूरी करने के बाद पैरिस के इकोले पॉलीटेक्निक में प्रवेश किए.

कॉम्त ज्यादातर इतिहास और दर्शनशास्त्र के बारे में पढ़ा करते थे लेकिन उनकी रुचि मानव समाज में अधिक थी. शायद इसलिए, आगे चल कर उन्होंने समाजशास्त्र की नीव रखी.

समाजशास्त्र के रचयिता कौन है?

ऑगस्त कॉम्त को समाजशास्त्र के रचयिता एवं जनक कहा जाता है.

भारतीय समाजशास्त्र के पिता कौन है?

गोविंद सदाशिव घुर्ये को भारतीय समाजशास्त्र के पिता माना जाता है. वह एक समाजशास्त्र के प्रोफेसर थे जो बॉम्बे विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र विभाग के प्रमुख बनने वाले दूसरे व्यक्ति बने.

निष्कर्ष,

तो दोस्तों, इस लेख में आपने जाना समाजशास्त्र के जनक कौन है (samajshastra ke janak kaun hai) और उनसे संबंधित अन्य बातों के बारे में जैसे कि :

ऑगस्त कॉम्त को समाजशास्त्र के जनक कहा जाता है जो एक फ्रांसीसी समाज सुधारक एवं विचारक थे.

हम उम्मीद करते हैं आपकों समाजशास्त्र के जनक से संबंधित पूरी जानकारी मिल गई होगी और इस लेख को पढ़ कर आपकों अच्छा लगा होगा.

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हिंदीकुल द्वारा लिखित

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