सौरमंडल की खोज किसने की और कब ?

क्या आपकों पता है सौरमंडल की खोज किसने की और कब हुई थी? यदि आप solar system के खोजकर्ता कौन है और इसके इतिहास के बारे में नहीं जानते हैं तो इस लेख को पूरा पढ़िए.

हमारी पृथ्वी, सूर्य, और अन्य खगोलीय पिंड जैसे कि तारे, ग्रह, प्राकृतिक उपग्रह, गैलेक्सी, उल्का पिंड, ब्लैक होल, पल्सर, आदि सौरमंडल में सम्मलित हैं, जो इस मंडल में एक दूसरे से गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा बंधे हैं.

सूर्य और उसके ग्रहीय मण्डल को मिलाकर हमारा सौर मण्डल (solar system) बनता है, जिसे सर्वप्रथम निकोलस कॉपरनिकस ने खोजा था. 

सौरमंडल जो ब्रह्मांड का एक छोटा सा हिस्सा है इसमें अनेकों चीजें सम्मलित हैं जिसके बारे में इंसान को समय के अनुसार मालूम होता गया और अभी भी हो रहा है. अन्य खगोलीय चीजों के बारे में जानने से पहले आपकों सौरमंडल की खोज किसने की और इसके अन्य तथ्यों के बारे में जानकारी होनी चाहिए.

इसलिए इस लेख में आपकों सौरमंडल की खोज किसने की (saur mandal ki khoj kisne ki), कब और कैसे हुई, के साथ – साथ इसके इतिहास के बारे में भी जानकारी दी गई है.

सौरमंडल की खोज किसने की ?

सौरमंडल की खोज किसने की

निकोलस कॉपरनिकस ने सबसे पहले सौरमंडल की खोज 1543 ई. में की थी. उनके द्वारा दी गई हेलियोसेंट्रिक सिद्धांत (Heliocentric Theory) के अनुसार, सूर्य सौरमंडल (ब्रह्मांड) का केंद्र है और पृथ्वी सहित अन्य ग्रह इसके चारों तरफ परिक्रमा करते है.

17 वीं शताब्दी में, गैलीलियो गैलिली और योहानेस केप्लर अपने प्रयासों से पता लगया कि पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती हैं. साथ ही इसी दौरान दूरबीन का आविष्कार भी हुआ था, उसके बाद अन्य ग्रहों और चन्द्रमाओं की खोज होने लगी.

निकोलस कॉपरनिकस, जिन्होंने सौरमंडल की खोज की

  • निकोलस कोपरनिकस एक पोलिश खगोलशास्त्री व गणितज्ञ थे जिन्होंने एक सूर्यकेंद्रित प्रणाली का प्रस्ताव रखा था, जिसमें बतलाया गया कि पृथ्वी और अन्य ग्रह सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करते हैं.
  • इस सिद्धांत से दुनिया को मालूम हुआ कि सूर्य ब्रह्मांड के केंद्र में है.
  • 1532 ई. में, कॉपरनिकस ने अपनी पुस्तक, “डी रेवोल्यूशनिबस ऑर्बियम कोएलेस्टियम” (“ऑन द रेवोल्यूशन ऑफ द हेवनली स्फेयर्स”) की पहली हस्तलिखित प्रति समाप्त की. इसमें उन्होंने स्थापित किया कि पृथ्वी और बाकी सारे ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं.
  • इस प्रकार निकोलस कॉपरनिकस ने सौर मंडल (solar system) के नमूने और ग्रहों के मार्ग की खोज की.
सौरमंडल की खोज किसने की निकोलस कॉपरनिकस
जन्म 19 फरवरी 1473
मृत्यु 24 मई 1543 (आयु 70)
राष्ट्रीयता पोलिश
शिक्षा क्राको विश्वविद्यालय (1491-95)
बोलोग्ना विश्वविद्यालय (1496-1500)
पडुआ विश्वविद्यालय (1501–03)
फेरारा विश्वविद्यालय
शैक्षणिक सलाहकार डोमेनिको मारिया नोवारा
क्षेत्र खगोल
कैनन का कानून
अर्थशास्त्र
गणित
दवा
राजनीति
प्रभावित जोहान्स केप्लर
प्रसिद्धि
  • सूर्य केन्द्रीयता (Heliocentrism)
  • पैसे का मात्रा सिद्धांत (Quantity theory of money)
  • ग्रेशम-कोपरनिकस नियम (Gresham–Copernicus law)

सौरमंडल की खोज कब हुई?

सन् 1543 में, सौरमंडल की खोज निकोलस कॉपरनिकस के द्वारा किया गया था.

सौरमंडल की खोज कैसे हुई?

इंसान को सौर मंडल का अस्तित्व जानने में कई हजार साल लग गए. पहले लोग सोचते थे कि पृथ्वी ब्रह्माण्ड का स्थिर केंद्र है और बाकी सारे ग्रह इसका चक्क्र लगाते हैं.

140 ई. में क्लाडियस टॉलमी ने बताया कि पृथ्वी ब्रह्माण्ड के केंद्र में है और सारे पिंड इसकी परिक्रमा करते हैं लेकिन निकोलस कॉपरनिकस ने 1543 में बताया कि ऐसा नहीं है बल्कि सूर्य सौरमंडल (ब्रह्माण्ड) के केंद्र में है और सारे ग्रह इसकी परिक्रमा करते हैं.

कुछ इसी प्रकार कई खगोलशास्त्री अपने-अपने theory और अनुभव दुनिया के सामने रखते गए जिससे हमें सौरमंडल और अन्य खगोलीय पिंडों की खोज एवं जानने में मदद मिली.

सौरमंडल की उत्पत्ति कैसे हुई?

आज से 5 बिलियन साल पहले सौरमंडल की उत्पत्ति हुई थी जब एक नए तारे का जन्म हुआ था जिसे हम सूर्य के नाम से जानते हैं. इसलिए सूर्य को सौरमंडल का जन्मदाता माना जाता है.

सौरमंडल की खोज का इतिहास

140 ई. में, मिस्र यूनानी परंपरा के खगोल शास्त्री क्लाडियस टॉलमी अपने ने जियोसेंट्रिक अवधारणा (Geocentric Concept) का प्रतिपादन किया. इस अवधारणा के अनुसार बताया कि पृथ्वी ब्रह्माण्ड के केंद्र में है तथा सूर्य और अन्य ग्रह इसकी परिक्रमा करते हैं.

1543 ई. में, पोलैंड के निकोलस कॉपरनिकस ने हेलियोसेंट्रिक अवधारणा (Heliocentric Concept) का प्रतिपादन किया. इस अवधारणा के अनुसार बताया गया कि ब्रह्मांड के केंद्र पृथ्वी नहीं सूर्य है.

1704 के आसपास, “सौर प्रणाली” शब्द पहली बार अंग्रेजी में प्रकाशित किया गया.

1805 ई. में, ब्रिटेन के खोल शास्त्री विलियम हरसेल ने बताया कि सौरमंडल आकाशगंगा (Milky-way galaxy) का अंश मात हैं.

पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉपरनिकस ने क्या सिद्ध किया?

कॉपरनिकस एक पोलिश खगोलशास्त्री व गणितज्ञ थे जिन्होंने सिद्ध किया ब्रह्मांड के केंद्र पृथ्वी नहीं सूर्य है.

पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है का सिद्धांत देने वाले विश्व के प्रथम वैज्ञानिक कौन थे?

पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है, इस सिद्धांत को हेलियोसेंट्रिक अवधारणा (Heliocentric Concept) कहा जाता है जिसका प्रतिपादन कॉपरनिकस ने किया था. आपकों बता दें इस सिद्धांत को सूर्य केंद्रीय मॉडल भी कहा जाता है.

हमारे सौरमंडल का केंद्र क्या है?

सौरमंडल का केंद्र सूर्य (Sun) है. इसे सौरमंडल का जन्मदाता भी कहा जाता है.

सौरमंडल का जन्मदाता किसे कहा जाता है?

सूर्य को सौरमंडल का जन्मदाता कहा जाता है.

लेख निष्कर्ष

सौरमंडल की खोज निकोलस कॉपरनिकस ने 1543 ई. में सर्वप्रथम की थी. पहले लोग सोचते थे कि पृथ्वी ब्रह्माण्ड का स्थिर केंद्र है लेकिन कॉपरनिकस वह पहले वेक्ति थे जिन्होंने बताया कि ब्रह्मांड के केंद्र पृथ्वी नहीं सूर्य है और पृथ्वी सहित अन्य सभी ग्रह, प्राकृतिक उपग्रह, आदि खगोलीय पिंड इसके परिक्रमा करते हैं. 

हम उम्मीद करते हैं इस लेख में दी गई है जानकारी सौरमंडल की खोज किसने की ( Solar System Discovery in Hindi) को जान कर आपकों कुछ नया जानने और सीखने को मिला होगा.

यदि यह लेख आपकों पसंद आई है तो कृपया इसे अपने दोस्तों के साथ social media networking साइट पर शेयर जरूर करें. और साथ ही इससे संबंधित कोई सवाल या सुझाव आपके मन में है तो आप हमें नीचे कमेंट कर सकते हैं.

यह भी पढ़ें :

What do you think?

215 Points
Upvote Downvote

Written by Hindikul Editorial

हिंदीकुल भारत का #1 सबसे विश्वसनीय हिंदी ब्लॉग हैं जहां आपकों विभिन्न विषयों पर विश्वसनीय रिसर्च तथा एक्सपर्ट्स का नॉलेज एक साथ मिलते हैं.

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *