भोजन क्या है इसकी परिभाषा और प्रकार

भोजन क्या है (What is Food in Hindi), Bhojan kya hai और इसकी परिभाषा, महत्व, प्रकार,कार्य आदि के बारे में जाने

भोजन हर जीवित प्राणी के लिए ग्रहण करना आवश्यक है जो ऊर्जा का त्वरित स्रोत है. भोजन क्या है और इसकी परिभाषा, महत्व, प्रकार,कार्य आदि के बारे में जानने के लिए इस लेख को पूरा पढ़े.

जैसे कि हम जानते हैं, किसी भी जीव को जीवित रखने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है. सभी जीवों को उर्जा उनके भोजन के द्वारा मिलती है जो कार्बोहाइड्रेट, वसा, जल तथा प्रोटीन से भरपूर होता है.

भोज्य सामग्री को नियमित रूप से ग्रहण करने से सभी जीव जिंदा रहते हैं, नहीं तो उनकी मृत्यु हो जाती है. इसलिए किसी भी जीव को जीवित रहने के लिए नियमित रूप से भोजन करना जरूरी है.

यही कारण है कि भोजन क्या है (What is Food in Hindi), इसके कार्य, महत्व, प्रकार आदि के बारे में जानना जरूरी है, जिसे इस लेख में बताया गया है.

भोजन क्या है? (Bhojan kya hai)

भोजन क्या है

भोजन वे सभी आवश्यक पदार्थ होते हैं जिसे ग्रहण करने से किसी जीव की शरीर की रचना तथा टूट – फूट की मरम्मत, वृद्धि एवं विकास, जनन क्षमता का विकास, ऊर्जा उत्पादन के साथ – साथ जैविक क्रियाओं का संचालन और नियमन आदि के कार्य करते हैं.

भोजन जीव और जनन के लिए बहुत आवश्यक होती है क्योंकि इसे शरीर में अवशोषित होने से शरीर का पोषण होता है.

भोजन एक ऐसा पदार्थ होता है जो कार्बोहाइड्रेट, वसा, जल तथा प्रोटीन से बना होता है और इसे जीव जगत द्वारा ग्रहण किया जाता है.

भोजन करना क्यों आवश्यक है?

भोजन करना इसलिए आवश्यक है क्योंकि इससे हमें ऊर्जा मिलती है, शरीर का विकास होता है, भोजन से हमारी शरीर स्वस्थ तथा रोगों से दूर रहती है.

साथ ही कई दिन तक भोजन न खाने पर हम बिमार पड़ सकते है और भोजन की कमी से हमारी मौत तक हो सकती है.

इसके अलावा भोजन नियंत्रण और नियमित रूप से करने से शरीर और मन के कई फायदे हैं. आपको अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए भोजन करना बहुत जरूरी है.

अगर हम खाना नहीं खाएंगे तो क्या होगा?

अगर हम खाना नहीं खाएंगे तो :

  • शरीर को प्रयाप्त ऊर्जा नहीं मिलेगी, जिससे हम कोई भी कार्य नहीं कर सकते हैं और बीमार पड़ सकते हैं.
  • शरीर के पोषक तत्व कम होने लगतें है.
  • रक्त शर्करा कम होने लगते है, जो सीधे सोचने की आपकी क्षमता में रुकावट का कारण बनते है.
  • भोजन नही करने से मस्तिष्क कुशलतापूर्वक चलाने के लिए ग्लूकोज का उपयोग करता है और यदि मस्तिष्क के उपयोग के लिए पर्याप्त ग्लूकोज नहीं है, तो आपका शरीर काम नहीं करता है.
  • भोजन नहीं करने से लोग चिड़चिड़े, भ्रमित और थका हुआ महसूस करने लगते हैं.
  • हम भुखमरी का शिकार होने लगते है.
  • अधिक समय तक भोजन नहीं करने से हमारी मौत भी हो सकती है.

भोजन के क्या कार्य हैं?

भोजन के कई शरीर क्रियात्मक कार्य होते हैं जो कहीं न कहीं जीव के शरीर से जुड़ा हुआ है. जैसे कि ऊर्जा प्रदान करना, शरीर की वृद्धि एवं विकास में सहायक, बीमारी से बचाव करना, आदि.

भोजन के कार्य :

  1. भोजन ग्रहण करने से हमें ऊर्जा मिलती है.
  2. भोजन जीव की शरीर की रचना अथवा टूट – फूट की मरम्मत करता है.
  3. भोजन शरीर की वृद्धि एवं विकास में सहायक होता है.
  4. भोजन जनन क्षमता का विकास करता है.
  5. भोजन रोगों के प्रति प्रतिरक्षात्मक शक्ति पैदा करके हमें उनसे बचाता है.

भोजन कितने प्रकार के होते हैं? (Bhojan Ke Prakar)

भोजन के प्रकार : भोजन के तीन प्रकार होते हैं (आयुर्वेद के अनुसार) सात्विक भोजन, राजसी भोजन और तामसी भोजन.

1. सात्विक भोजन

सात्विक भोजन ताजा, हल्की, रसयुक्त और पौष्टिक होता है.

  • सात्विक भोजन वह है जो शीघ्र पचने वाला होता है.
  • इस प्रकार के भोजन से चित्त एकाग्र तथा पित्त शांत रहता है.
  • सात्विक भोजन करने से विभिन्न प्रकार के रोज एवं स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से काफ़ी बचाव रहता है.
  • उदाहरण – हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, ताजे फल,बादाम, दूध, दही, घी, मक्खन, आदि.

2. राजसी भोजन

राजसी भोजन सभी प्रकार के पकवान, व्यंजन, मिठाईयां, अधिक मिर्च – मसालेदार वाली वस्तुएँ के साथ – साथ चाय, कॉफी, सोडा, कोको, पान, तंबाकू, मदिरा, आदि जैसी वस्तुएं भी शामिल है.

  • वर्तमान में होने वाली अनेक बीमारियों के कारण राजसी भोजन है.
  • उदाहरण – मसालेदार भोजन, व्यंजन, तले हुए खाद्य पदार्थ,प्याज, लहसुन, चाय, कॉफी और तंबाकू आदि.

3. तामसी भोजन

तामसी भोजन मांसाहार माना जाता है लेकिन इसमें बासी एवं विषम आहार भी आते हैं.

  • तामसी भोजन व्यक्ति को आलसी और क्रोधी बनाता है.
  • उदाहरण – मांसाहारी आहार, बासी भोजन, वसा का अत्यधिक सेवन, तेलयुक्त और अत्यधिक मीठा भोजन.

भोजन के पांच प्रमुख प्रकार हैं जिन्हें हमारे दैनिक आहार में शामिल करने से हमारी शरीर स्वास्थ्य और तंदुरूस्त बनी रहती है.

1. सब्ज़ियाँ

सब्ज़ियाँ वे पौधों होते हैं जो फाइटोन्यूट्रिएंट्स, विटामिन, खनिजों में उच्च होते हैं और ये हमारे भोजन के महत्वपूर्ण घटक होते हैं.

2. फल

फल सीधे पौधों से प्राप्त होते हैं. इसमे फाइटोन्यूट्रिएंट्स, विटामिन, मिनरल, आदि पाए जाते हैं और आसानी से उपलब्ध होते हैं.

3. डेरी

डेयरी उत्पाद हमारी हड्डियों और दांतों के लिए कैल्शियम का एक उत्कृष्ट स्रोत होते हैं. जैसे कि दूध, आदि.

4. पोल्ट्री और मीट

पोल्ट्री और मीट प्रोटीन और विटामिन में उच्च होते हैं जो ऊतकों और मांसपेशियों के निर्माण में मदद करता है और प्रतिरक्षा प्रदान करता है. जैसे कि अंडे, चिकन, मांस और मछली.

5. अनाज और फलियां

अनाज और फलियां पौधों से प्राप्त होते हैं जो उच्च फाइबर से भरपूर होते हैं.

भोजन का हमारे जीवन में क्या महत्व है?

आहार या भोजन का हमारे जीवन में महत्व :

  1. शरीर को अथवा उसके प्रत्येक अंग को क्रिया करने की शक्ति देना
  2. दैनिक क्रियाओं में ऊतकों के टूटने फूटने से नष्ट होनेवाली कोशिकाओं का पुनर्निर्माण
  3. शरीर को रोगों से अपनी रक्षा करने की शक्ति देना

भोजन का स्वास्थ्य से क्या संबंध है?

खाद्यय वस्तु (Food) का संबंध स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ता है. कोई भी जीव भोजन इसलिए ग्रहण करता है ताकि वे जीवित रहने के साथ – साथ स्वस्थ और सक्रिय जीवन बिता सके.

भोजन यानी एसी पदार्थ जिसे हम खाते हैं उनमें अनेक पोषक तत्व होते हैं जो हमारी शरीर का विकास करते हैं, उसे स्वस्थ रखते हैं और शक्ति प्रदान करते हैं.

भोजन के घटक कितने होते हैं?

भोजन के सात आवश्यक घटक हैं : कार्ब्स, प्रोटीन, वसा, फाइबर, विटामिन, खनिज और पानी.

शरीर में भोजन ग्रहण करना क्या कहलाता है?

शरीर में भोजन को ग्रहण करना “पोषण” कहलाता है.

भोजन से सम्बन्धित भारतीय ग्रंथ का नाम क्या है?

भोजन से सम्बन्धित भारतीय ग्रंथ का नाम ‘भोजनकुतूहल’ है जो अठारहवीं शताब्दी का एक हस्तलिखित संस्कृत ग्रन्थ है.

भोजन में अलग-अलग प्रकार के खाद्य पदार्थ क्यों होने चाहिए?

भोजन में अलग-अलग प्रकार के खाद्य पदार्थ होने से जब कोई जीव इसे ग्रहण करता है तो शरीर को सभी प्रकार के तत्व और जरूरी पोषण मिलती है जिससे शरीर में ऊर्जा, इसकी रचना, विकास, वृद्धि, आदि करने में मदद मिलती है.

निष्कर्ष,

भोजन वह खाध पदार्थ होता है जिसे ग्रहण करने से जीव को ऊर्जा मिलती है. शरीर को स्वस्थ रखने और बीमारियों से बचाव करती है.

यह शरीर के रचना, विकास, जनन करने में, जैविक क्रियाओं का संचालन और नियमन आदि कार्य करने में सहायक होती है.

जैसे कि आपने इस लेख में जाना भोजन किसे कहते हैं (Bhojan kya hai) और इसकी परिभाषा, प्रकार, कार्य, महत्व, आदि चीज़ों के बारे में.

हम उम्मीद करते हैं आपकों भोजन किसे कहते है (What is Food in Hindi) और इसकी परिभाषा के साथ – साथ भोजन से संबंधित अन्य बातें भी समझ में आ गई होगी.

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हिंदीकुल द्वारा लिखित

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